किसानों के ऋण चुकाने की सीमा बढाये सरकार - डाॅ विक्रांत भूरिया ने मुख्यमंत्री एवं सहकारीता मंत्री को लिखा पत्र।

झाबुआ-28 मार्च म0प्र0 की भाजपा सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि सहकारी संस्थाओं के ऋण जमा करने अन्तिम दिनांक 28 मार्च निर्धारित की गई है, साथ ही किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 1 अप्रेल 2026 से प्रारंभ करने की तिथि निर्धारित की गई है। उक्त निर्णय बिल्कुल गैर जिम्मेदाराना है किसान कैेेसे कर्ज चुकायेगा एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी होने का दावा करती है किन्तु धरातल पर किसानों की आर्थिक स्थिति अत्यन्त दयनीय है। जब किसान फसल बेच ही नहीं पायेगा तो ऋण कैसे चुकायेगा। उक्त बात झाबुआ विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ विक्रांत भूरिया ने कही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका ने बताया कि झाबुआ विधायक डाॅ भूरिया द्वारा मुख्यमंत्री एवं सहकारीता मंत्री से इस सबंध में पत्र लिखकर मांग की है कि ऋण जमा करने की अवधि तत्काल 15 मई 2026 की जावे। इस सबंध में डाॅ भूरिया ने बताया कि इस वर्ष बैमौसम की बरसात में फसलों को नुकसान हुआ है साथ ही गेहू कटाई में भी विलंब हुआ है। एक ओर जहां सरकार किसानों को ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कहती है वहीं जमीन हकिकत और कुछ बया करती है सरकारी आदेश किसानों के लिए संकट खडा कर रहे है। विशेषकर झाबुआ जिला आदिवासी बहुल जिला है यहां किसानों के पास कम कृर्षि भूमी है तथा उसी से उनका जीवन यापन होता है । यदि किसानों ने 28 मार्च तक ऋण नहीं चुकाया तो वह डिफाल्टर की श्रेणी में आयेगा तथा उसे मंहगा ब्याज भी देना होगा जिससे उसे दोहरी मार पडेगी उससे उनकी आर्थिक स्थिति ओर खराब होगी। डाॅ भूरिया ने यह भी कहा केवल किसानों को ही नुकसान नहीं होगा इससे सहकारीता संस्थाओं की परेशानी बढेगी। 
डाॅ भूरिया एवं जिला कांग्रेस के पदाधिकारी संगठन प्रभारी शंकर भूरिया, कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मानसिंह मेडा, हेमचन्द्र डामोर, काना गुण्डिया, हेमेन्द्र बबलू कटारा,ब्लाक अध्यक्ष खुना गुण्डिया, कैलाश डामोर,सुरेन्द्र गरवाल,याामीन शेख, शाबीर फिटवेल, किसान कांग्रेस के अकमाल डामोर,युवक कांग्रेस अध्यक्ष नटवर डोडियार, एनएसयुआई अध्यक्ष नरवेश अमलियार,महिला कांग्रेस श्वेता मोहनिया,आईटी सेल अध्यक्ष वसीम सैयद ब्लाक अध्यक्ष खुना गुण्डिया,शहर अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राठौर,जनपद उपाध्यक्ष शीला भूरिया, हेमेन्द्र बबलू कटारा,लोकेन्द्र बिलवाल, आयुष ओहारी,पुनीत भानपुरिया, सहित समस्त कांग्रेस पदाधिकारीयों ने आरोप लगाया है कि सरकार की गलत नीतियों एवं प्रशासनीक कमीयों से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है क्योंकि सरकार के पास खरीदी केन्द्र की तैयारी नहीं है बारदानों की कमी है ऐसी स्थिति में खरीदी प्रारंभ नहीं हुई है।

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