लो भैया फिर आ गया फिर एक नई खबर के साथ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चर्चा चौराहे पर चल रही थी, कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे, की भाई नए कलेक्टर आने के बाद अब जिला पंचायत सीईओ भी निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के लिए भ्रमण कर रहे हैं, चित्र प्रसारण शाखा से चित्र भी प्रसारित हो रहे हैं, लोग आपस में चर्चा कर रहे थे, निर्माण कार्य तो जिले में बहुत हो रहे हैं,पर प्रशासन की आंख पर, एक चश्मा सा लगा हुआ है, जो सिर्फ वही चीज देखता है जो, सही हो और इसके निरीक्षण के दौरान फोटो सही आए झाबुआ, जिले में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं जो लाखों की लागत के हैं, और जिससे जिले की जनता को लाभ मिलना चाहिए, उदाहरण के तौर पर कई तालाब जो लाखों की लागत से पंचायत स्तर पर बन रहे हैं। जो लगभग 25 30 लाख के होते हैं, वस्तु स्थिति यह है कि उन तालाबों को मशीनों से खोदा जा रहा है, ना कोई व्यवस्थित पिचिंग है ना काली मिट्टी डाली गई है सीधे तौर पर कहा जाए तो निर्देश और गाइडलाइन के अनुसार कार्य नहीं हो रहा, वहीं दूसरी और सरकार दावे कर रही है कि, जल गंगा संवर्धन के अनुसार तालाबों बावड़ियों एवं पानी के स्रोतों को व्यवस्थित किया जाए, कलेक्टर के भी शख्स निर्देश हैं कि, पानी के स्रोतों को व्यवस्थित रूप से संधारण एवं संरक्षण किया जाए परंतु धरातल स्थिति कुछ और ही है, जिले में आए नए कलेक्टर जनता के मसीहा एक बार धरातल स्थिति को समझें, उन सूचियां को मंगाये जहां पर निर्माण कार्य वर्तमान में प्रारंभ हुए हैं, और सूक्ष्मता से निरीक्षण करें कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कार्य हो या नहीं इसका अवश्य निरीक्षण करना चाहिए इतने में पीछे से एक व्यक्ति बोला हां भाई अभी 25 अप्रैल 2026। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत झाबुआ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान द्वारा 24 अप्रैल को जनपद पंचायत रामा अंतर्गत ग्राम पंचायत माछलिया एवं हत्यादेली में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया। पर फिर वही बात दिया चले अंधेरा, अरे भाई पहले शुरुआत अपने घर से ही करो, यानी झाबुआ से निरीक्षण शुरू करो अब खबर छप गई निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत माछलिया में जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 अंतर्गत प्रगतिरत अमृत सरोवर निर्माण कार्य का अवलोकन किया गया। कार्य में पिचिंग अधूरा पाए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित उपयंत्री एवं क्रियान्वयन एजेंसी को 08 दिवस के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह बहुत अच्छा कार्य किया।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत माछलिया में राज्य वित्त मद से स्वीकृत आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में भवन का लाइट फिटिंग एवं फिनिशिंग कार्य अपूर्ण पाया गया, जिसे शीघ्र पूर्ण करने हेतु संबंधितों को निर्देशित किया गया। यह भी बहुत बढ़िया रहा।
इसके पश्चात ग्राम पंचायत हत्यादेली में आदर्श योजना मद से स्वीकृत पीडीएस भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। कार्य अपूर्ण पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को 15 दिवस में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह भी एक सराहनीय कार्य रहा,
साथ ही दोनों ग्राम पंचायतों में 5वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
कुल मिलाकर साहब ने निरीक्षण तो अच्छा किया और सख्ती से निर्देश भी दिए पर यह वह स्थान से जहां पर आसानी से जाया जा सकता था, परंतु वह स्थान बाकी रह गए जहां लोगों को परेशानी होती है जाने में, जो इंटीरियर में होते हैं जहां इंजीनियर भी मौके नहीं पहुंच पाते और ठेकेदार अपने हिसाब से कार्य को अंजाम दे चुके होते हैं। और जहां के प्रोजेक्ट कंप्लीट होकर सिर्फ कागजो मैं सीमट कर रह जाते हैं। कलेक्टर साहब और साहब को इस और ध्यान देना चाहिए।
0 Comments