संभागायुक्त की अध्यक्षता में अतिवर्षा एवं बाढ़ से निपटने हेतु मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
सूचना प्रणाली और स्थानीय संसाधनों की मैपिंग आवश्यक – डॉ. खाड़े
झाबुआ, । संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आज अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक 03 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार शामिल हुए।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सूचना प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए स्थानीय संसाधनों की प्रभावी मैपिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मजबूत कम्युनिकेशन प्लान पहली आवश्यकता है। बड़े बांधों पर स्थापित कंट्रोल रूम के साथ-साथ जिला स्तरीय कंट्रोल रूमों के बीच समन्वय भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोई जनहानि ना हो इसलिए नगरी क्षेत्र में भी, जर्जर भवनों को चिन्नाअंकित कर, उन्हें ध्वस्त किया जाए।
बैठक में संभागायुक्त ने सभी जिलों में मानसून पूर्व की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति में जन-धन की हानि को रोकने के लिए समय रहते सूचना तंत्र की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाढ़ संभावित नदियों के जलस्तर पर सतत निगरानी रखी जाए तथा बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का पुनर्मूल्यांकन कर आवश्यकतानुसार राहत शिविर स्थापित किए जाएं। बाढ़ नियंत्रण कक्षों द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पूर्व एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग कर निगरानी की जाए। साथ ही नदी-नालों की सफाई, गाद निकासी तथा नालों एवं तालाबों के आसपास से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाए। जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण भवनों का चिन्हांकन कर आवश्यकता अनुसार उन्हें हटाने की कार्यवाही नगर निकायों द्वारा की जाए।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि बाढ़ एवं आपदा की आशंका वाले क्षेत्रों में छोटे बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व से ही मुनादी कराई जाए। इस कार्य में वन विभाग सहित अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाए।
खबर अंदर खानों से है कि बस इस आदेश के बाद झाबुआ एसडीएम तहसीलदार सीएमओ, द्वारा नगर में भ्रमण कर निरीक्षण किया गया, इसी बीच किसी के दिमाग की बत्ती जली, और उनकी नजरों में रघुनंदन शर्मा परिसर और बस स्टैंड की कुछ दुकान जो काफी समय से विवादों के बाद भी दोस्त नहीं कर पाए, नगर पालिका ने एक अच्छा मौका पाया, और जर्जर भवनों को दरकिनार कर, अपना सीधा निशाना रघुनंदन शर्मा परिसर की 53 दुकान, झाबुआ बस स्टैंड कि 12 दुकानों को थमा डाले नोटिस। जबकि नगर में कई ऐसे भवन है जो जर्जर हो रहे हैं और लोगों ने उसकी कई बार शिकायत भी की है, पर ना ही उन्हें चिन्ना अंकित किया जा रहा है और ना ही उन्हें स्वस्थ किया जा रहा है, बताने वाले यह भी बताते हैं कि सीधा सा फंडा है, जहां काम करेंगे वही दाड़की मिलेगी, बाकी तो आप समझदार है। इस मामले पर झाबुआ कलेक्टर को जरूर संज्ञान लेना चाहिए, खबर अंदर खानों से यह भी है, कि जिन दुकानों को जर्जर बात कर नोटिस दिए जा रहे हैं वहां वर्तमान में सिर्फ उनकी छठे और छत के ऊपर की दुकान टूटी है, और वर्तमान में बहुत सी जगह पर दुकानें संचालित भी हैं, जो व्यवस्था में है, यदि दुकानों को ध्वस्त किया जाता है तो बताया जा रहा है कि झाबुआ नगर पालिका के पास इतना फंड नहीं है कि वह उन्हें पुन निर्माण कर, उक्त किरायेदारों को निर्माण कर पुनः दे सके। दूसरी बात यह भी है कि इन दुकानों से आने वाला राजस्व को लेकर भी नगर पालिका को एक बड़ा झटका लग सकता है, बताइए भी जा रहा है कि नगर पालिका कर्मचारियों की, वेतन समय पर नहीं दे पा रहे हैं इस स्थिति में यदि राजस्व में कुछ कमी आती है तो आने वाले समय में नगर पालिका को आने वाली चौकी में भी घटोती हो सकती है,
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