दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का पालन करते हुए इमारतें और परिवेश भी दिव्यांगों के अनुकूल होनी चाहिये।
सरकारी निरीक्षण: सरकार ने उक्त दिशा-निर्देशों के प्रभावी होने के तीन माह के भीतर नए और मौजूदा कोचिंग संस्थान के रजिस्ट्रीकरण का प्रस्ताव रखा है।
राज्य सरकारों को कोचिंग संस्थान की गतिविधियों की निगरानी करने और रजिस्ट्रीकरण अर्हता का अनुपालन सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।
ज़ुर्माना: रजिस्ट्रीकरण अथवा सामान्य शर्तों के किसी भी नियम और शर्तों के उल्लंघन के मामले में, कोचिंग संस्थान निम्नानुसार दंड के लिये उत्तरदायी होगा:
प्रथम अपराध के लिये 25,000/- रुपए
द्वितीय अपराध के लिये 1,00,000/- रुपए
पुनः उल्लंघन के लिये रजिस्ट्रीकरण रद्द किया जाना।
नोट: शिक्षा मंत्रालय के अनुसार कोचिंग का अर्थ 50 से अधिक छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की किसी भी शाखा में ट्यूशन, निर्देश अथवा मार्गदर्शन से है, किंतु इसमें परामर्श, खेल, नृत्य, थिएटर और अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल नहीं हैं।
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