आज दिनांक 17 मार्च 2026 मंगलवार को श्री श्याम जन्म कथा को लेकर पत्रकार वार्ता की गई जिसमें कथा का आयोजन क्यों किया जा रहा है और क्या लाभ है इस विषय को बताते हुए रविराज सिंह राठौड़ एवं समिति के अध्यक्ष सचिन उपाध्याय जी और वीरेंद्र चौहान ने बताया कि विगत एक वर्ष पहले श्री श्याम कीर्तन समिति का आयोजन हुआ समिति बनाई गई और झाबुआ शहर में हर श्याम प्रेमी के यहां एकादशी पर कीर्तन हो सके कम पैसों में या जैसा श्याम भक्त चाहे वैसा और अगर पैसे नहीं हो तो निशुल्क भाव से समिति स्वयं के खर्चे पर भी कीर्तन करेगी ऐसा तय किया गया और एक वर्ष तक जब सभी के यहां कीर्तन किए गए तब समिति के सामने एक प्रश्न आया कि खाटू श्याम जी की जन्म के संबंध में बहुत सी जानकारियां भक्तों को नहीं है तो क्यों ना बाबा श्याम की कथा एक करवाई जाए जिसमें बाबा श्याम के बारे में संपूर्ण जानकारी भक्तों तो प्राप्त हो सके और भोपाल शांडिल्य जी से फोन पर चर्चा की गई जिसमें उनसे पूछा गया क्योंकि वह राम कथा शिव पुराण दुर्गा कथा भागवत कथा सभी करते हैं और जब उनसे चर्चा की गई तो उन्होंने श्याम जन्म कथा के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां बताइए जो स्वयं समिति को भी नहीं थी तब विचार किया गया कि आपको कथाकार के रूप में झाबुआ बुलाया जाए और आपके मुखारविंद से तीन दिवस का आयोजन किया जाए समिति ने तीन दिवसीय कथा का आयोजन किया आशीष जी चतुर्वेदी भी साथ में ही रहे और इस आयोजन को विशेष रूप से हिंदू नव वर्ष चैत्र नवरात्रि प्रारंभ से जोड़कर किए जाने पर विचार किया आशीष चतुर्वेदी जी ने गुड़ी पड़वा हिंदू नव वर्ष पर पिछले कई वर्षों से जो प्रभात फेरी निकाली जा रही है उसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष गुड़ी पड़वा पर प्रातः 8:00 बजे राजवाड़ा से प्रभात फेरी निकाली जाती है जो शहर के प्रमुख मार्ग से होती राजवाड़ा पर आती है जहां गुड्डी की पूजा महिलाओं के द्वारा की जाती है एवं आरती कर गुड़ की चैन की प्रसाद बाटी जाति है और नेम का जूस सभी को प्रसाद स्वरूप दिया जाता है इस प्रकार प्रतिवर्ष गुड़ी पड़वा उत्सव भी मनाया जाता है और इस वर्षश्री श्याम श्याम जन्म कथा का आयोजन साथ में किया जा रहा है और 18 तारीख को स्वामी जी 11:00 बजे झाबुआ आगमन होगा उसके पश्चात शाम को 6:00 बजे पोती एवं निशान यात्रा जगदीश मंदिर कॉलेज मार्ग से निकल जाएगी जो नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई कथा स्थल रजवाने पर समाप्त होगी इसके पश्चात रात्रि 8:00 बजे कथा प्रारंभ हो जाएगी कथा में मुख्य रूप से प्रतिदिन छप्पन भोग लगाया जाएगा इत्र वर्ष की जाएगी पुष्प वर्षा की जाएगी महा आरती की जाएगी और महाप्रसादी का भोग भी लगाया जाएगा सभी भक्तों से समिति में अधिक से अधिक संख्या में पधार कर धर्म लाभ लेने की अपील की है
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