क्या झाबुआ मे भी जन शिकायत के बुरे हाल क्या शिकायत करने पर अधिकारी देते है 𝗙𝗜𝗥 की धमकी.?प्रशासनिक लापरवाही, जन शिकायतों के चलते तत्कालीन कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है

लो भैया फिर आ गया फिर एक नई ख़बर के साथ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चर्चा चौराहे पर चल रही थी, कुछ लोग आपस मे चर्चा कर रहे थे, की यार जैसा सीधी मे हुवा ऐसा क्या झाबुआ मे भी चल रिया क्या, लोग आपस मे बात कर रहे थे की, झाबुआ मेंभी चापलूस लोग इकट्ठा हो गए है, इस चक्कर मे तो साहब थांदला रवाना हुवे, आप को बता दे की दीदी भी कान की कच्ची है, और झाबुआ मे भी भ्रष्टाचार चरम पर है, सुना है, राजस्व विभाग के बढ़े ऑफिस मे 20 हजार से निचे छोटे मोटे काम की बात ही नहीं होती, और देखो ना भाई लगातार लोकायुक्त के कितने मामले अभी तक आ चुके है, और हा 2मामले तो कलेक्टर कार्यालय लय के ही है, शाशकीय कार्यालय मे भर्ष्टाचार तो आम बात हो गई, साला पूछने के भी पैसे लगते है, बीते दिनों ही कोई बता रहा था, की यार सीमांकन के लिए मे पूछने एक ऑफिस मे गया तो एक अधिकारी ने दूसरे के पास भेजा की बरगद के पेड़ के निचे एक ऑफिस है वहाँ चले जाओ, कुछ खर्चा पानी लगेगा पर पर सब काम हो जायगा कही भागने दौड़ने की जरुरत नहीं पड़ेगी, और तो और EOW ने झाबुआ कलेक्टर कार्यालय मे स्थित जनजाति विभाग के 3 लोगो पर लगभग 3 करोड़ के मामले मे FIR करी है, इतने मे पीछे से एक व्यक्ति बोला, तो भाई क्या अगला नंबर झाबुआ का है, क्या...? आपस मे बात कर रहे लोगो मे से एक व्यक्ति ने पूछा किस बात का अगला नंबर दूसरा व्यक्ति जवाब दे ते हुवे बोला तुम्हे नहीं पता क्या..?

   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मार्च 2026 को सीधी जिले के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक लापरवाही जन शिकायतों और विकास कार्यों की धीमी प्रगति के चलते तत्कालीन कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि कामकाज में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
हटाए जाने के प्रमुख कारण:-
औचक निरीक्षण और फीडबैक: सीएम मोहन यादव के निरीक्षण के दौरान सीधी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में कमियां पाई गईं।
जन प्रतिनिधियों की शिकायतें: जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने कलेक्टर की कार्यप्रणाली के खिलाफ लंबे समय से असंतोष जताया था।
धीमी प्रगति: कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में सुस्ती और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही देखी गई।
भ्रष्टाचार की शिकायतें: जिले में भ्रष्टाचार के मामलों और प्रशासनिक असफलता पर कड़ा रुख अपनाया गया। 
तो क्या फिर झाबुआ में भी ऐसा होगा क्या...? दूसरा व्यक्ति बोला अरे भाई ऐसा ही चलता रहा तो क्यों नहीं होगा मोहन सरकार पर शक है क्या... 😂😂हा भाई कुछ लोग कह रहे थे की 2-3 गोटिये मील कर नय्येया ना डूबा दे, एक को तो बेचारे को थांदला भेज दिया, अब बेचारे प्रयास रत है।

तो भय्या मिलते है अगली कहानी मे जिसमे होगा बल्ली की कार्यवाही से मोटू परेशान, गोटिये ने कहा था अपनी दीदी से अच्छी है, अब वेले करना पढ़ रहे, बल्ली तो 9सो चूहें खा कर निकल लिया और गोटिये के चककर मे मोटू फस गया..... 😂😂😂

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