झाबुआ प्रशासनिक अधिकारियो की सुशासन सप्ताह मे लापरवाही, SDM, तहसीलदार,और झाबुआ नगर पालिका CMO की लापरही के कारण कट गए बेज़ुबान।

कलेक्टर की अध्यक्षता में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन। जिसमे इस अवसर पर कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि सुशासन का मूल आधार ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता), अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही) एवं पार्टिसिपेशन (जनभागीदारी) है। जिले के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। 
 परंतु वहीं दूसरी ओर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ पर झाबुआ मे मामला कुछ उलटा ही है, हसदेव के जंगलो जैसे न जाने कितने पेड़ झाबुआ नगर में कट चुके हैं, और आगे भी कट रहे हैं, ऐसा ही आज एक मामला झाबुआ मुख्यालय पर झाबुआ नगर में आया, बताने वाले बताते हैं कि, नगर के मुख्य मार्ग स्थित शगुन गार्डन में, धड़ा-धड़ से पेड़ों को काट दिया गया, पेड़ों की कटाई की सुचना झाबुआ के प्रशासनिक अधिकारी, झाबुआ एसडीएम भास्कर घाचले,झाबुआ सीएमओ मिलन पटेल, झाबुआ तहसीलदार सुनील डावर, को दी गई प्रति उत्तर में सभी अधिकारियों से जवाब आया हां दिखाते हैं, वैसे तो झाबुआ एसडीएम भास्कर घाचले प्रशासनिक कार्य से झाबुआ के बाहर थे, परंतु अन्य अधिकारियों को इस मामले को संज्ञान में लेना था, इनकी तत्परता से बेजुबान पेड़ों की कटाई को रोका जा सकता था, पूर्व में भी कई पीपल के पेड़ जिसमें भगवान का वास होता है काट दिए गए, जहां सरकार एक पेड़ मां के नाम लगाने की बात करती है वही, जिले में धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई छटाई के नाम पर हो रही है। वही झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने कार्यशाला में जो निर्देश दिए वह भी नीचे दिए गए हैं पढ़िए। और हां एक बात और झाबुआ प्रभारी डीएफओ यादव साहब को भी, सूचना दी गई उनका यह कहना था कि नगर में सिर्फ नगर पालिका ही देख पाएगी परिवहन पर टीपी की जांच करना है और उसे पर कार्रवाई करना है। 
        झाबुआ, 23 दिसम्बर 2025। प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत सुशासन सप्ताह (19 से 25 दिसंबर 2025) के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में किया गया। 
         कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। 
         इस अवसर पर कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि सुशासन का मूल आधार ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता), अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही) एवं पार्टिसिपेशन (जनभागीदारी) है। जिले के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जिले में सुशासन के लिए सस्टेनेबल एवं इनक्लूसिव मॉडल को आत्मसात करना जरूरी है। 
          कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि जिले में सुशासन के तहत ही हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं मैटरनिटी वार्ड की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति जिले की प्रगति की रीढ़ है। जनजातीय बाहुल्य जिले में प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है, ऐसे में प्रोग्रेसिव गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हमारा दायित्व है।
          कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत की गई सक्सेस स्टोरीज की सराहना करते हुए कहा कि इनसे अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिलती है। परियोजनाओं की जिम्मेदारी लेकर कार्य करना प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक है, जिसे जिले के सभी अधिकारियों को अपनाना चाहिए। 
           उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे निरंतर इनोवेटिव आइडियाज प्रस्तुत करते रहें और जनहित में नए प्रयोग करें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स की नीति का कड़ाई से पालन किया जाए।
          मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक कुल 4449 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका 25 दिसंबर तक समयबद्ध निराकरण किया जाना है।
          उन्होंने कहा कि सीपी ग्राम, ग्रिवेंस रिड्रेसल, जन सुनवाई एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निवारण किया जा रहा है। सुशासन सप्ताह के दौरान शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाने, उनकी समस्याओं को सुनने एवं समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 
           उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त समस्याओं को एकत्रित कर उचित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है तथा वर्कशॉप के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जानकारी साझा की जा रही है, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। 
         डिप्टी कलेक्टर सुश्री अवंधति प्रधान ने कहा कि गुड गवर्नेंस से अब प्रोग्रेसिव गवर्नेंस की ओर प्रशासन निरंतर आगे बढ़ रहा है। आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत रामा ब्लॉक द्वारा किए गए नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है, जो जिले के लिए गर्व का विषय है।

जनजातीय कार्य विभाग
         सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन ने कहा कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले के 651 ग्राम चयनित किए गए हैं। इन ग्रामों में आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से शिकायत निवारण एवं ग्रामवासियों की आवश्यकताओं के अनुसार विलेज एक्शन प्लान तैयार किए गए हैं। इसमें जनप्रतिनिधियों, एनजीओ एवं सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जो सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

महिला एवं बाल विकास विभाग
          महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटी आई (कुपोषण) के मामलों की पहचान एवं सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
उप संचालक कृषि
          उप संचालक कृषि श्री एन.एस. रावत ने सुशासन एवं राष्ट्रीय किसान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सहभागिता को सुशासन का आधार बताया। जिले में अरहर की उन्नत किस्म पूसा-16 का 205 हेक्टेयर में ट्रायल किया गया, जिसमें जल्द ही फसल तैयार होकर सीमांत किसानों के लिए लाभकारी परिणाम मिले। इसके आधार पर रिसर्च पेपर प्रकाशन प्रस्तावित है।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
           उप संचालक श्री पंकज सांवले द्वारा दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता के उदाहरण साझा किए गए। इम्तियाज बागवान सब्जी विक्रय एवं मुकेश गवली को बैटरी चलित साइकिल उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया गया।

*पशुपालन विभाग*
         उप संचालक डॉ. ए एस दिवाकर ने कहा कि पशुपालकों की आय वृद्धि हेतु दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत गृह भेंट कर योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। रुद्र चौहान की सफलता कहानी प्रेरणादायक रही।
          हितग्राही श्री वेस्ता पिता दल्ला जैविक कृषि, श्री नागर सिंह डोडवा पशुपालन, श्री वसना बामनिया उन्नत कृषक, श्री प्रभु पिता खुमसिंह भूरिया शेडनेट, एनआरएलएम से श्रीमती अंजु भाबोर एवं श्रीमती रेशमा अमलियार एवं पशुपालक रुद्र चौहान ने अपनी कहानी साझा करी। 
          अंग्रेजी माध्यम आश्रम शाला के बच्चों द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता की नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की गई। 
           इस दौरान सभी विभागों के जिला अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

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