बताने वाले यह भी बताते हैं कि झाबुआ में लगभग करोड़ो के आसपास इस जल योजना का टेंडर हुआ है, लोग आपस में यह भी चर्चा कर रहे थे की सुना है टेंडर बिलो पर हुआ है ! यानी शासकीय इंजीनियर द्वारा दी गई गाइडलाइन से भी कम में काम करने की बात, सरकार द्वारा निर्धारित इंजीनियर भी फेल, अंदर खानों से यह भी खबर आ रही है कि, निरीक्षण किया गया, तो गाइडलाइन अनुसार कार्य नहीं पाया गया, इस पर निर्माण कंपनी को कई बार गाइडलाइन से कार्य करने की बात भी कही है। चौराहे पर चर्चा कर रहे लोगों में से एक व्यक्ति ने तो यह तक कह दिया कि नगर पालिका का कद्दू है, कटेगा भी और बटेगा भी...?
चर्चा यह भी चौराहे पर चल रही थी कि यदि, जनता को चूना लगाया जा रहा है तो झाबुआ कलेक्टर कार्यालय से महज कुछ ही कम दूरी पर हो रहे इस निर्माण कार्य की जाँच झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को करवानी चाहिए.....!
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