श्रीकृष्ण पाथेय में जोड़ेंगे धार-झाबुआ में मौजूद भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को
समोई (झाबुआ) के श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबद्ध स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने झाबुआ के ग्राम समोई में आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज झाबुआ-निमाड़ में आनंद बरस रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान , कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य मौजूद रहे।
मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अद्भुत रहा है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 400 वर्ष पूर्व सद्गुरू श्री देवचन्द्र जी महाराज के द्वारा प्रारंभ किये गये प्रणामी संप्रदाय के लिये वे आज अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है। प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था। प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामोंनवतनपुरी धाम जामनगर (गुजरात), महामंगलपुरी धाम सूरत (गुजरात) तथा मुक्ति पीठ पद्मावतीपुरी धाम पन्ना (मध्यप्रदेश) में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है। श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म एक ऐसा मार्ग है, जो कृष्ण भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सार्वभौमिक भाईचारे के सिद्धांतों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि निजानंदाचार्य के परम शिष्य महामति स्वामी श्री प्राणनाथजी द्वारा ‘तारतम्य सागर’ ग्रंथ की रचना की गई, जो सभी धर्मों के सार स्वरूप का संकलन है और जिसे इस सम्प्रदाय में पूजा जाता है। इस समुदाय के अनुयायियों को सुन्दरसाथ कहा जाता है तथा आपस में मिलने पर “प्रणाम” शब्द से अभिवादन किया जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है। उन्होंने प्रणामी सम्प्रदाय के अनुयायियों और समाज के लोगों को धर्म महोत्सव की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण, श्यामाजी महारानी, सद्गुरू देवचन्द्र, स्वामी प्राणनाथ, वृंदावन दास महाराज और नटवरदास महाराज की सदैव सभी पर कृपा बनी रहे।
जैसा कि विदित है यह महोत्सव गुरुजी श्री नटवरलालदास जी भट्ट के 47वें स्मृति महोत्सव के रूप में, महाराज श्री रश्मिकांत एन. भट्ट जी के मार्गदर्शन में 9 से 13 दिसम्बर तक पांच दिवसीय आयोजन के रूप में सम्पन्न हो रहा है। इसमें श्रीमद भागवत श्री कृष्ण कथा, ब्रह्मज्ञान एवं महायज्ञ जैसे आध्यात्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अनुसूचित जाति विभाग श्री नागरसिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, जिला कलेक्टर नेहा मीना को गुरुजी द्वारा शॉल ओढ़ाकर आशीर्वाद प्रदान किया गया।
श्री कृष्णमणि महाराज नवतनपुरी जामनगर, श्री रश्मिकांत भट्ट महाराज कृष्ण प्रणामी मंदिर हरकुंडी गुजरात, श्री प्रमोद सुधाकरण जी महाराज भागवत कथाकार सिक्किम, श्री लक्ष्मण ज्योति जी महाराज सूरत, श्री रमेश भट्ट जी महाराज वडोदरा और महेश प्रसाद जी महाराज डाकोर, पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रणामी समुदायजन उपस्थित रहे।
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