अब सवाल यह पैदा होता की क्या पुलिस एवं प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं की शासन प्रशासन ने जो निर्देश दिए हैं,उसको फॉलो कराये। क्या पुलिस एवं प्रशासन को कार्यवाही करने के लिए कोई आवेदन की आवश्यकता पड़ती, क्या प्रशाशनिक लोग स्वतः ही इस मामले को संज्ञान में नहीं ले सकते। क्या ऑर्डर फॉलो करवाना उनका कर्तव्य नहीं। इतने में पीछे से एक व्यक्ति भीड़ मे से बोल, भाई मस्जिद वाले और आसपास के लोग भी परेशान है गंदगी और बदबू का अंबार लगा रहता है। मोहल्ले में दबंगों के कारण कोई बोलता नहीं। और दबंगों के द्वारा लक्ष्मी यन्त्र का प्रयोग कर मामला सुलझा लिया जाता है। और साथ में आवाज उठाने वाले को धमकी भी दी जाती है, कि "तेरे को तो मैं देख लूंगा"।
इतने में पीछे से एक आवाज आई सीधा उदहारण यही देख लो" झाबुआ कलेक्टर को आए 1 वर्ष से अधिक हो चुका है, पर आज तक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई ",सब हाईलाइट होना चाहते हैं पर काम कोई नहीं करना चाहता।
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