भाऊ एक नजर इधर भी जिले भर मे RTO का बड़ा खेल,90हजार मे तीन माह का टापअप कराओ और सरकार को चुना लगाओ।

लो भैया फिर आ गया फिर एक ही नई खबर के साथ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चर्चा चौराहे पर चल रही थी कुछ लोगो को आपस मे बात करते सुना है, जिले भर में आरटीओ का एक खेल चल रहा है, जिसमें पिछले तीन सालों में सरकार को नजाने कितने का राजस्व का चूना लग लग चुका है और लग रहा है, जिले भर में टूरिस्ट बस के नाम पर यात्री बस चलाई जा रही है जिसमें आदिवासीयों को ठूस ठूस कर भरा जाता, एक टूरिस्ट बस मे120 से 130 मजदूर आदिवासी गुजरात, राजिस्थान और महाराष्ट्र सीधे तोर पर कहे तो दूसरे राज्य को जा रहे है पर जिले की RTO का मीटर चालू है, लापरवाही के कई नमूने आप ने देखे,छोटा मोटा निरिक्षण और फार्मिंलिटी के तोर पर ख़बर लगने पर 2 चार गाड़ी की चेकिंग करना और,फोटू खींचा कर जनसम्पर्क के माध्य्म से पेपर मे छपवाना, और बस बात ख़त्म। इनके कार्यकाल मे कितने कलेक्टर बदले पर की इनपर लगाम नहीं लगा पाया, अब भाऊ को बीते दिनों बस मे चेकिंग करते देख आस लगी है, की अब बदलाव होगा, इतने मे पीछे से एक व्यक्ति बोला भाई वह कहावत सुनी है.. नौ दिन चले अढ़ाई कोस. अब देखना यह है, कीवाकई मे को कार्यवाही होंगी या बस बड़े हादसे का इंतजार करेंगे, या फिर भाऊ खुद रात मे भी ड्यूटी करेंगे.
एक व्यक्ति यह सब बात सुन रहा था उसने भीड़ मे बताया की प्रशासन के नये नियम क्या है आप भी सुनिए :-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए नियम के अनुसार अब टूरिस्ट वाहन की यात्रा की शुरुआत या समाप्ति उसके होम स्टेट से ही होनी चाहिए. पहले 90दिन थे अब वाहन 60 दिनों से ज्यादा लगातार अपने राज्य से बाहर नहीं रह सकता है. इसकी निगरानी राज्य सरकार द्वारा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर या वाहन में लगे व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस (VTD) के जरिए की जाएगी. सरकार का कहना है कि यह कदम परमिट के दुरुपयोग को रोकने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और टोल भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
नए नियमों के अनुसार, परमिट जारी करने वाला राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि अगर वाहन पर कोई अनपेड यूजर फीस यानी टोल बकाया है तो उसे पहले वसूला जाए. अनपेड यूजर फीस का मतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन की एंट्री रिकॉर्ड हुई हो लेकिन टोल शुल्क जमा न किया गया हो. होम स्टेट को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि टूरिस्ट वाहन को लोकल बस सेवा की तरह इस्तेमाल न किया जाए. केवल उन्हीं यात्रियों को बैठाया या उतारा जाए, जिनका नाम टूरिस्ट लिस्ट में हो. वाहन में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन अनिवार्य रूप से लगा होना जरूरी है. 45 दिनों से ज्यादा पुराने चालान लंबित न हों.


ऑपरेटर के लिए जरूरी निर्देश
टूरिस्ट वाहन ऑपरेटर को हर समय अपने पास इलेक्ट्रॉनिक या फिजिकल रूप में कुछ जानकारी रखनी होगी. इसमें यात्रा का प्रारंभिक स्थान और गंतव्य स्थान और प्रस्तावित रूट में आने वाले राज्य जैसी जानकारी शामिल है.


सरकार का मानना है कि कई बार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का गलत इस्तेमाल किया जाता है. वाहन लंबे समय तक दूसरे राज्यों में व्यावसायिक संचालन करते हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन होता है. इसी से निपटने के लिए सरकार ने नए नियम बनाए हैं.

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