कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआ के मृदा वैज्ञानिक डाॅ. वी. के. सिंह को इंडियन सोसाइटी आॅफ साॅइल साईंस नई दिल्ली द्वारा 18 से 21 नवम्बर 2025 तक तमिल नाडू कृषि विश्वविद्यालय कोयम्बटूर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार मे 2 वर्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया द्वारा कौंसिलर चुना गया। डाॅ. वी. के. सिंह द्वारा लगातार 16 वर्षो से राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआ अन्तर्गत टिचिंग, रिचर्च व एक्सटेंशन के साथ साथ प्रक्षेत्र दिवस, ट्रेनिंग प्रोग्राम, जिला स्तरीय किसान मेला, वैज्ञानिक किसान सम्वाद, प्रदर्शनी, किसानों के खेत पर प्रक्षेत्र प्रदर्शन व अग्रीम पक्ति प्रदर्शन के आयोजन के साथ साथ किसानों के हित के लिए अन्य कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। डाॅ. सिंह द्वारा 35 रिचर्च पेपर, 25 आर्टिकल, 15 टेक्निकल बुलेटिन, 06 बुकलेट, 30 फोल्डर का पब्लिकेशन किया जा चुका है। यह आयोजन देश के किसी न किसी प्रान्त में सोसाइटी की 1934 में स्थापना से प्रति वर्ष आयोजित होता है। जिसमें देश भर की मृदा को स्वस्थ्य रखने के साथ साथ प्राकृतिक खेती के प्रभाव, मृदा में सूक्ष्म जीवों की संख्या, मृदा में पौषक तत्वों की उपलब्धता व मृदा सुधार आदि विषयों पर चर्चा के साथ साथ उत्पादन बढाने के लिए शोध पत्र प्रस्तुत किए गये। कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआॅ द्वारा जिले मे गेहू-सोयाबीन सफल चक्र के ऊपर प्राकृतिक खेती, जैविक खेती व रासायनिक खेती द्वारा मृदा के ऊपर प्रभाव के आंकलन को प्रस्तुत किया गया जिसमें मृदा स्वास्थ्य व लागत के हिसाब से प्राकृतिक खेती व जैविक खेती को रासायनिक खेती की अपेक्षा बेहतर पाया गया।
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